लब्ज़ों में अहसासों की कमी, दिलों में मोहोबत की कमी, दोस्तों के संग अल्फ़ाज़ों की कमी, ज़िंदगी जीने की उत्साह को ना रोको खुल के मुस्कुराने की चाह को ना रोको खुल के जी ले ये ज़िंदगी मूरख आखिर कल क्या होगा यह कौन जानता है तू आज फिर जी ले ज़िंदगी
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